परमहंस योगानंद जी के प्रेरणादायक सुविचार Paramahansa Yogananda Thoughts and Quotes

परमहंस योगानंद जी के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार Best Thoughts of Paramahansa Yogananda

%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%9cआध्यात्मिक गुरु परमहंस योगानंद का जन्म 5 जनवरी 1893 को गोरखपुर, उत्तरप्रदेश में हुआ था. इनका वास्तविक नाम मुकुंद लाल घोष था. परमहंस योगानंद जी बीसवीं सदी के एक आध्यात्मिक गुरू, योगी और संत थे. वे प्रथम भारतीय गुरु थे. गुरु योगानंद ने अपने अनुयायियों को क्रिया योग का उपदेश दिया और इसका प्रचार पुरे विश्व में किया था. गुरु योगानंद के क्रिया योग के उपदेश का आज भी पूरी दिया में काफी प्रचार होता है.

Advertisements

 

सुविचार (Quotes) 1. प्रेम भगवान् के लिए गाया आत्मा का गीत है।

सुविचार (Quotes) 2. शांति भगवान् की वेदी है, वो परिस्थिति जिसमे ख़ुशी मौजूद होतीहै।

सुविचार (Quotes) 3. थोड़ा पढ़ें। ध्यान ज्यादा करें। हर समय भगवान के बारे में सोचें।

सुविचार (Quotes) 4. अपना सर्वश्रेष्ठ करो और फिर आराम करो।

सुविचार (Quotes) 5. एक टूटा हुआ माइक्रोफोन सन्देश प्रसारित नहीं कर सकता है, इसी तरह एक बेचैन मन भगवान् की प्रार्थना नहीं कर सकता।

सुविचार (Quotes) 6. जितना सिम्पल रह सकते हैं रहें; आप यह देखकर अचंभित हो जायेंगे कि आपकी लाइफ कितनी सरल और प्रसन्न हो सकती है।

Advertisements

 

सुविचार (Quotes) 7. खुद को बदलिए और दुनिया बदलने में आपका जो हिस्सा है वो आपने पूरा कर दिया है।

सुविचार (Quotes) 8. जब भी आप कुछ निर्मित करना चाहें, बाह्य स्रोत पर निर्भर मत करिए: अन्दर गहराई तक जाइए और अनंत स्रोत को खोजिये।

सुविचार (Quotes) 9. सफलता की एक और योग्यता है कि हम सिर्फ अपने लिए ही सामंजस्यपूर्ण और लाभकारी परिणाम नहीं लाते, बल्कि उसके लाभ औरों से भी साझा करते हैं।

सुविचार (Quotes) 10. अगर आप दुखी होना चाहते हैं, तो दुनिया में कोई भी आपको खुश नहीं कर सकता। लेकिन अगर आप खुश रहने का मन बना लें तो इस पृथ्वी पर कोई भी और कुछ भी आपसे वो ख़ुशी नहीं छीन सकता।

Advertisements

 

सुविचार (Quotes) 11. एक नश्वर प्राणी के रूप में आप सीमित हैं, लेकिन भगवान् के बच्चे के रूप में आप असीमित हैं…अपना ध्यान भगवान् पर केन्द्रित करें, और आपको जो चाहिए वो शक्तियां किसी भी दिशा में उपयोग करने के लिए मिल जायेंगी।

सुविचार (Quotes) 12. अगर आपका मन मजबूत है और आप उसमे एक दृढ संकल्प स्थापित कर देते हैं तो आप अपना भाग्य बदल सकते हैं।

सुविचार (Quotes) 13. केवल अपने हृदय की ख़ुशी आत्मा को संतुष्ट नहीं कर सकती; हमें अपनी ही ख़ुशी के लिए कोशिश करनी चाहिए कि हम उसमे दूसरों की ख़ुशी भी शामिल कर सकें।

सुविचार (Quotes) 14. मेरी आत्मा को मेरे हृदय के माध्यम से मुस्कुराने दो और मेरे ह्रदय को मेरी आँखों के माध्यम से मुस्कुराने दो, ताकि मैं दुखी दिलों में बहुमूल्य मुस्कान बिखेर सकूँ।

Advertisements

 

सुविचार (Quotes) 15. इस क्षण में शांति से जियो और अपने समक्ष मौजूद सुन्दरता को देखो। भविष्य खुद अपना ख़याल रख लेगा.

सुविचार (Quotes) 16. आप अपने जीवन को साधारण तरीके से मत चलाइये; कुछ ऐसा करिए जैसा किसी ने नहीं किया हो, कुछ ऐसा जो दुनिया को जगमगा दे। दिखाइए कि आपके अन्दर भगवान् का रचनात्मक सिद्धांत काम करता है।

सुविचार (Quotes) 17. लहरें सागर की तरह ही हैं, हालांकि वे पूरा सागर नहीं हैं।  इसलिए सृष्टि के प्रत्येक लहर आत्मा के अनन्त महासागर का एक हिस्सा है। सागर लहरों के बिना रह सकता है, लेकिन लहरें सागर के बिना नहीं रह सकतीं।

Advertisements

 

सुविचार (Quotes) 18. ये आपके मन में आया विचार या आपके ब्रिलियंट आइडियाज नहीं बल्कि आपकी रोज की छोटी-मोटी आदतें हैं जो आपकी लाइफ को कण्ट्रोल करती हैं….सिम्प्लिसिटी से रहिये। दुनिया की मशीन में मत फंसिए- ये बहुत डिमांडिंग है। जब तक आपको पता चलता है कि आपको क्या चाहिए आपकी नसें जा चुकी होती हैं, दिल बीमार हो चुका होता है, और हड्डियाँ दर्द कर रही होती हैं। अपने स्पिरिचुअल पावर्स को और भी जोर देकर विकसित करने का संकल्प लीजिए। सही से जीने की कला सीखें। अगर आपके पास ख़ुशी है तो आपके पास सब कुछ है, इसलिए खुश और संतुष्ट रहना सीखिए….अभी खुश होइए।

सुविचार (Quotes) 19.  लाखों लोग कभी खुद का विश्लेषण नहीं करते। मानसिक रूप से वे अपने वातावरण की फैक्ट्री के मैकेनिकल प्रोडक्ट होते हैं, नाश्ता, दोपहर का खाना, रात का खाना, काम करना और सोना, मनोरंजन के लिए इधर-उधर  जाना, बस इन्ही चीजों में उलझे हुए होते हैं। वे नहीं जानते कि वे क्या और क्यों तलाश रहे हैं, न ये जानते हैं कि क्यों उन्हें कभी पूर्ण प्रसन्नता और स्थायी संतुष्टि का एहसास नहीं होता। आत्म-विश्लेषण से बच कर, लोग वातावरण के मुताबिक रोबोट बने रहते हैं। सच्चा आत्म-विश्लेषण प्रगति की सबसे बड़ी कला है।

Advertisements