प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय

Partirodhk shamta badane ke liye gharelu upay

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सर्दियों में ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ो के साथ ही अंदर से गर्म रहना भी आवश्यक है. इन दिनों में तिल, बाजरा, मूगफली व अदरक का सेवन अत्यंत उपयोगी है, सर्दियों में गाजर, चुंकदर, लहसुन, बथुआ तथा मेथी का सेवन अवश्य करे, ये सब्जियां शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर अंदर से गर्मी प्रदान करती है.

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प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय

शरीर का आंतरिक तौर पर मजबूत होना बहुत आवश्यक क्योकि इससे हमे रोगों से लड़ने में मदद मिलती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है. छोटी-मोटी ऐसी कई बीमारियां होती हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं. इसके लिए जरुरी है, उचित खान-पान, शारीरिक रूप से सक्रिय होना और उचित नींद।

हमारा इम्यून सिस्टम हमें कई तरह की बीमारियों से सुरक्ष‍ित रखता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण, फंगस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है. इन बातों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि इम्यून पावर के कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम अपनी इम्यून पावर को बनाए रखें जिससे हमारे शरीर को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो. इसके लिए हम कुछ आसान घरेलु टिप्स की मदद लके सकते है जो की अत्यन्त सरल तथा सेहतमंद होते हैं.

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लहसुन का प्रयोग

कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने करने में सहायक होता है. इसमें एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पर्याप्त मात्रा पाए जाते हैं. इसका सेवन प्रतिदिन सलाद या खाने में डाल कर करे इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है.

अंकुरित अनाज का प्रयोग

अपने आहार में अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुई दालों को शामिल करे. अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। ये सभी तत्व पचाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं. जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती हैं.

तुलसी का प्रयोग

तुलसी का सेवन करने से अनेक रोगों से मुक्ति मिल जाती हैं. तुलसी की चाय, या पानी में तुलसी उबाल कर या फिर सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करे. इससे शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती हैं.

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संतरे का प्रयोग

संतरे में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं विटामिन सी हमें हर तरह के संक्रमण से लडने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने में सहायक होता है. विटमिन सी शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढता है, जिससे कार्डियो वैस्कुलर बीमारियों से बचाव होता है और ब्लडप्रेशर नियंत्रित रहता है. इसलिए अपने रोजाना के भोजन में किसी न किसी खट्टे फल को जरूर शामिल करें. इससे रोग प्रति रोधक क्षमता बढती हैं.

पर्याप्त नींद

स्वस्थ्य रहने के लिए व्यक्ति को पर्याप्त नींद लेना आवश्यक होता हैं. स्वस्थ्य आहार भी ले रहें हैं लेकिन फिर भी आप जल्दी बीमार हो जातें हैं तो इसमें आपका पर्याप्त नींद न लेना भी कारण हो सकता है. रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरुरी होती है. यह रोग प्रति रोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार हैं.

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